बारिश भरी ट्रेन की रात – एक अनकही रोमांटिक यात्रा

भाग 1 — स्टेशन की भीड़ और एक अचानक मुलाक़ात रोहन रात 9 बजे तक ऑफिस में अटका रहा।ट्रेन पकड़ने के लिए वो जल्दबाज़ी में स्टेशन पहुँचा।प्लेटफ़ॉर्म 4 पर पहुँचते ही उसकी नज़र एक परिचित चेहरे पर अटक गई। वो अन्वी भाभी थीं। नीली साड़ी, खुले बाल,हाथ में छोटा-सा बैग…और भीड़ में खोई हुई सी। … Read more

बरामदे की बारिश… और भाभी की धीमी मुस्कान

भाग 1 — शाम की बारिश और भाभी की हंसी शाम के लगभग पाँच बज रहे थे।आसमान में घने बादल जमा हो गए थे और हवा में वह नमी थी जो बारिश से ठीक पहले होती है।रोहन, 24 साल का, कॉलेज से घर लौटा ही था।जैसे ही उसने बैग रखा, बाहर से आवाज़ आई— आवाज़ … Read more

किचन की गर्माहट… भाभी की मुस्कान में खोया हुआ मैं

भाग 1 – सुबह की हल्की रोशनी और भाभी की मुस्कान सुबह के 8 बज रहे थे।रोहन, 24 साल का, रात देर तक पढ़ाई करके उठा था।घर में हल्की-सी भाग-दौड़ थी।रसोई से चम्मचों की आवाज़ और गैस पर चाय की खुशबू फैल रही थी। किचन में भाभी, यानी अन्वी, खड़ी थीं।हल्की गुलाबी सूट, बाल क्लिप … Read more

“भाभी की चुप मुस्कान… और देवर की अनकही चाहत”

भाग 1 — घर का सन्नाटा और भाभी की आवाज़ अर्पित 24 साल का था, MCA की पढ़ाई कर रहा था।भाई शादी करके शहर में रहने लगे थे और घर पर सिर्फ़ देवर–भाभी थे। भाभी नैना, 28 साल की।सादी-सी, मुस्कुराने वाली और बेहद शांत स्वभाव की। अर्पित अक्सर पढ़ाई में खोया रहता, लेकिन हर सुबह … Read more

“बारिश की रात… और उसकी अधूरी कहानी”

भाग 1 — शहर की तेज़ बारिश और एक अनजानी मुलाक़ात अंकित, 26 साल का ग्राफिक डिज़ाइनर, ऑफिस से देर तक काम करके निकल रहा था।बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें छोटी नदियों जैसी लग रही थीं। मुंबई की बारिश अपनी ही एक दुनिया है—कभी हल्की बूंदें, कभी अचानक तूफ़ान।उस रात भी ऐसा ही था। … Read more